Best Solar water Heater in india 2020 review and buyer’s guide

Best Solar water Heater in india

आप सभी मित्रों का सादर अभिवादन है। मित्रों इन दिनों सोलर वाटर हीटर भारत में अधिक लोकप्रिय हो रहा है। हमारे यहां वर्ष में लगभग 8 से 9 माह तक सूर्य की पर्याप्त गर्मी प्राप्त होती है। इस कारण से भी Solar water heater अधिक पसंद किये जाते हैं। आप इस लेख में सोलर हीटर के विभिन्न ब्रांड, उनकी विशेषताएं तथा रिव्यू पढ़ेगे। आपके लिये लेख में अच्छा सोलर हीटर चुनने की सलाह भी शामिल है। हीटर के लम्बे समय तक उपयोग के लिये टिप्स भी दिये गये है। आपके संभावित प्रश्नों के उत्तर तो लेख में हमेशा की तरह हैं ही। मित्रों आप पढ़ रहे हैं लेख Best Solar water Heater in india .

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आइये शुरू करते हैं-

इस लेख को पांच प्रमुख भागों में बांटा गया है

  • उपकरण के संबंध में सामान्य जानकारी
  • सोलर वाटर हीटर के ब्रांड व रिव्यू
  • वायर्स गाइड
  • कुशल उपयोग के लिये टिप्स
  • संभावित प्रश्नों के उत्तर

उपकरण के संबंध में सामान्य जानकारी

Table of Content

  • सोलर वाटर हीटर का सिद्धांत
  • उपकरण की तकनीक
  • आंतरिक पार्टस
  • बाहरी पार्टस
  • बाड़ी तथा डिजाइन
  • इंस्टालेशन
  • कार्यकुशलता एवं क्षमता
  • सूर्य की रोशनी की तीव्रता में परिवर्तन का प्रभाव
  • कम्पनियों द्वारा दी जाने वाली वारंटी तथा सर्विस

आप पढ़ रहे हैं लेख Best Solar water Heater in india .

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सोलर वाटर हीटर का सिद्धांत

सोलर वाटर हीटर सूर्य के प्रकाश से गर्मी प्राप्त कर पानी गर्म करता है। आप जानते हैं कि काला रंग प्रकाश का अवशोषण कर लेता है। यह उष्मा उपकरण के माध्यम से पानी को प्राप्त होती है। उष्मा पानी को गर्म करती है, यह गर्म पानी पाइप के माध्यम से आपके किचिन तथा बाथरूम तक पहुंचता है। जानकारी देना उचित होगा। सामान्य रूप से दो प्रकार के सोलर वाटर हीटर होेते हैं। पहले प्रकार को एक्टिव तथा दूसरे प्रकार को पेसिव सोलर वाटर हीटर कहा जाता है।

भारत में सूर्य के प्रकाश से सीधें ही उष्मा प्राप्त कर पानी गर्म करने वाले यंत्र बनाये जाते है। अतः यह यंत्र एक्टिव यंत्र कहलाते हैं। इनकी लागत भी पेसिव सोलर हीटर से कम हेोती है। एक सामान्य उपभोक्ता को इसके सिद्धांत की अपेक्षा अच्छे परफार्मेस की जरूरत होती है। अतः आप यह समझे की सूर्य की उष्मा से पानी गर्म करना की प्रक्रिया सोलर वाटर हीटिंग कहलाती है।

उपकरण की तकनीक

सोलर वाटर हीटर में एक टैंक होता है। जिसे आप इस लेख के चित्र में देख रहे हैं। इसमें ठंडा पानी अंदर जाने के लिय इनलेट लगा होता है। यह इनलेट टैंक के कुछ नीचे की ओर रहता है। टैंक को एक मजबूम स्टे्रक्चर पर रखा जाता है। जिससे कुछ कांच की नलियां संग्लन होती है। यह नलियां दोहरी सतह युक्त होती है। इन्हें मजबूत कांच बोरोसिल से बनाया जाता है। बाहरी नली के अंदर की सतह पर उष्मारोधी काले पदार्थ का लेप किया जाता है। दोनो नलियों के मध्य वेक्यूम रहता है। यह वेक्यूम उष्मा को पानी अच्छी तरह से शोषित कर ले इसलिये क्रियेट किया जाता है। अंदर की नलियों में ठंडा पानी प्रवाहित होता है।

जब उष्मा इस ठंडे पानी को मिलती है। तो यह गर्म होकर टैंक में एकत्रित हो जाता है। इसे बाहर निकालने के लिय आउटलेट टैंक के कुछ उपर की ओर लगाया जाता है। जैसा किस हम जानते हैं, गर्म पानी हलका होने के कारण टैंक में उपर की ओर रहता है। इस गर्म पानी को पाइप के माध्यम से घर के अंदर ले जाया जाता है। इस टैंक में ठीक बीच में एक फिलामेंट का उपयोग किया जाता है। जिससे कि बरसात अथवा जब सूर्य का प्रकाश कम हो, नलियों को उष्मा ना मिल तब भी गर्म पानी प्राप्त होते रहे। यह फिलामेंट 2 किलोवाट का होता है। वैसे बिजली के माध्यम से गर्म पानी की जरूरत हमें केवल बरसात के दिनों में ही पड़ती है। वर्ष के शेष 10 माह यह उपकरण पर्याप्त मात्रा में लगभग 55 से 65 डिग्री तक गर्म पानी उपलब्ध कराता है।

क्या आप इंस्टेंट वाटर हीटर खरीदना चाहते हैं? पढ़े आलेख इंस्टेंट वाटर हीटर रिव्यू एवं वायर्स गाइड

आंतरिक पार्टस

सोलर वाटर हीटर में आंतरिक पार्टस काफी कम होते है। इसमें टैंक के अंदर एक अन्य टैंक फिट किया जाता है। दोनों टैंक के बीच में इंशुलेटर रखा जाता है। जिससे उष्मा की हांनि ना हो, एवं पानी अधिक देर तक गर्म बना रहे। इसी टैंक के बीच में 2 किलोवाट का फिलामेंट लगाया जाता है। वैसे यह आवश्यक पार्टस नहीं है। आप चाहे तो इसे ना लगवायें। क्राउन कांच की नली के अंदर एक अन्य नली होती है, इसमें ठंडा जल प्रवाहित होता है। यह जल गर्म जल में परिवर्तित होकर टैंक में एकत्रित हो जाता है।

बाहरी पार्टस

आउटर टैंक, बोरोसिल कांच की नली, स्टेण्ड आदि इसके बाहरी पार्टस कहलाते हैं। इनलेट तथा आउटलेट पानी को अंदर भेजने तथा गर्म पानी बाहर निकालाने के लिये लगाया जाता है। यह उपकरण आपके घर की क्षत पर रखा जाता है। इसके लिये वह स्थान चुना जाता है, जहां पर दिनभर सूर्य की धूप पड़ती हो। जिससे पूरे दिन उपकरण को उष्मा मिलती रहे।

बाड़ी तथा डिजाइन

सोलर वाटर हीटर का पूरा स्टे्रक्चर लोेहे का बना होता है। इसके उपर टैंक रखा जाता है। इस टैंक से कांच की नलियां जुडी होती है। यह उपकरण लम्बे समय लगभग 10 से 15 वर्ष तक गर्म पानी देने में सक्षम होता है। सोलर वाटर हीटर का डिजाइन बहुत ही सरल एवं साधारण होता है। आप इसे देखेगें तो यह कहीं से भी काम्पलीकेटेड उपकरण नहीं लगेगा। इसके समस्त पार्टस जंगरोधी बनाये जाते हैं। जिनमें लगाये जाने वाले नट एवं वोल्ट इस तरह के होते हैं कि उन्हें कभी भी खोला जा सके।

इंस्टालेशन

आप इसे आनलाईन खरीदें अथवा नजदीक के बाजार से, इंस्टालेशन की जरूरत पड़ती है। इसे आप स्वयं इंस्टाल नहीं कर सकते हैं। इसे किसी ऐसे स्थान पर लगवायें जहां काफी धूप रहती हो। वह स्थान नमी अथवा पानी की बौछार से मुक्त हो। इस पर तेज हवा का प्रभाव भी ना पड़े। जहां तक संभव हो पानी का सोर्स इसके पास ही रखें। इंस्टालेशन के लिये किसी अच्छे जानकार मैकेनिक की सेवायें लें। उपकरण खरीदने के पहले उस स्थान को किसी मैकेनिक को दिखा दें। जिससे आपको अपनी जरूरत का सोलर वाटर हीटर खरीदना आसान हो जायेगा। आप पढ़ रहे हैं लेख Best Solar water Heater in india .

कार्यकुशलता एवं क्षमता

आप जब भी इसे खरीदेगें चाहेगें कि अच्छी कार्यकुशलता से काम करें। इसके लिये आपको इसका अच्छा रखरखाव करना पडे़गा। समय समय पर सफाई तथा मेन्टेनेन्स करें। सोलर वाटर हीटर अनेक क्षमता में बाजार में उपलब्ध हैं। यह 150 से 300 लीटर तक की क्षमता में आपको मिल जायेगे। इससे अधिक क्षमता के हीटर व्यवसायिक उपयोग के लिये होते हैं। उन्हें अस्पतालों, कारखानों तथा अन्य व्यवसायिक प्रतिस्थानों में स्थापित किया जाता है।

सूर्य की रोशनी की तीव्रता में परिवर्तन का प्रभाव

यह उपकरण सूर्य से उष्मा प्राप्त करके पानी गर्म करता है। लेकिन यदि सौर उष्मा प्राप्त नहीं होगी तो पानी गर्म नहीं होगा। इसलिये यह उपकरण बरसात के दिनों में अच्छी कार्यकुशलता से कार्य नहीं कर पाते हैं। इसलिये ही इनमें बरसात के मौसम के लिये फिलामेंट का उपयोग किया जाता है। हमारे देश में कुछ स्थानों को छोड़कर अन्य स्थानेां पर अच्छा सूर्यप्रकाश प्राप्त होता है। जिससे सोलर वाटर हीटर को उष्मा प्राप्त होगी। दिन में प्रातः एवं शायंकाल सूर्य की रोशनी कम रहती है। इस समय में यह उपकरण कम तापमान पर पानी गर्म कर पाता है। रात्रि के समय भी यह कार्य नहीं करता है। लेकिन इसके स्टोरेज टैंक में इतना पानी भरा होता है कि वह रात्रि एवं शायंकाल में काम आ सके। यह अवश्य है कि इसमें भरे पानी के तापमान में 3 से 4 डिग्री से. की गिरवाट आती है। Read about Room heaters.

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कम्पनियों द्वारा दी जाने वाली वारंटी तथा सर्विस

प्रायः सभी कम्पनियां आफटर सेल्स सर्विस देती है। कई कम्पनियां इसके इंस्टालेशन के लिये सहायता भी करती है। यह आपको कुशल मैकेनिक भेजती है, जिससे आप इसे सही ठंग से स्थापित करवा सके। इसके लिये आपसे अलग से चार्ज लिया जायेगा। अतः बेहतर होगा कि आप स्थानीय स्तर पर इंस्टालेशन की व्यवस्था करें। प्रायः सभी कम्पनी 5 वर्ष की वारंटी देती है। शासकीय तथा अनेक प्रदेशों के उर्जा विभाग भी इसके स्थापन के लिये सहायता करते हैं। उनके द्वारा सब्सिडी भी दी जाती है। वह भी आप चुन सकते हैं। लेकिन उस स्थिति में आपको क्वालिटी उपकरण शायद ना मिले? अतः शासकीय योजना की अपेक्षा स्वयं के व्यय पर इसे इंस्टाल करायें। आप पढ़ रहे हैं लेख Best Solar water Heater in india .

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सोलर वाटर हीटर के ब्रांड व रिव्यू

1. Racold Alpha Pro Solar Domestic Water Heater

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2. Supreme Solar Water Heater Standard

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3. V-Guard Silicone Solar Water Heater

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4. Saur Shakti Stainless Steel Water Heater

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5. AWCRE- Solar Water Heater

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